Thursday, February 18, 2010

राज्यों का विभाजन

chote राज्य बनाम बड़े राज्य के पछ में अपने अपने तर्क दिए गए हैं और दिए जा रहे हैं । मेरा यह मानना है की राज्यों के छेत्रिय पुनर्निर्धारण का आधार आर्थिक , प्रशासनिक एवं राजनितिक कुशलता होनी चाहिए न किभाषाई सामुदायिक पहचान । इसी सन्दर्भ में वर्तमान में उत्तर प्रदेश कि तरफ ध्यान दे तो हम पातेहैं कि उपरोक्त तीनो आधार पर प्रदेश की कार्यकुशलता ( विकास ) बड़े आकारके कारण बाधित हो रहा है । अत : उत्तर प्रदेश का छेत्रिय पुनर्निर्धारण जरुरी है । पर इसका मतलब यह नहीं है की हम अपनी पहचान को छोटे - छोटे टुकडो में खंडित कर दें ।मेरे दृष्टिकोण से प्रदेश का विभाजन तीन भागो में किया जाये -
१- पश्चिमी उत्तर प्रदेश , जिसकी पूर्वी सीमा पीलीभीत , शाजहानपुर , फतेहगढ़, मैनपुरी तथा इटावा जिले बनाये ।
२- बुंदेलखंड , जैसा की मांग की जा रही है ।
३- उत्तर प्रदेश -लखीमपुर , हरदोई,कन्नौज ,और्राया , अकबरपुर से लेकर बलिया तक। जिसकी राजधानीलखनऊ ही रहे ।
पूर्वांचल या भोजपुर की मांग उचित नहीं है। गर पूर्वांचल बनता है तो सर फुटव्वल राजनीति, मजदूर पैदा करने की छमता ही हासिल होगी और कुछ नहीं । और बिहार का है क्या? की जगह पूर्वांचल का है क्या? का तमगा ।

Wednesday, February 10, 2010

खाद्यान्न उत्पादन

हमारी मुख्यमंत्री का कहना है की प्रदेश में खाद्यान्न उत्पादन दोगुना किया जायेगा । इस संदर्भ में मै सम्बंधित अधिकारियो का ध्यान भूमि व्यवस्था की और दिलाना चाहूँगा। हमारे प्रदेश में खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में भूमि पर दबाब बहुत ज्यादा है । आजादी के बाद भूमि सुधारो को हम अभी तक सही तरीके से लागू नहीं कर पाए । यही नहीं जोतो का आकार विखंडित होकर कम ही होता जा रहा है । ऐसे में चकबंदी जो की भूमि सुधारो का एक महतवपूर्ण तरीका है, को एक बार फिर से अपनाये जाने की जरुरत है । जिससे किसान जो भी जोत का आकार उनके पास बचा है , पर सही तरीके और कम लागत से खेती कर सके । यही नहीं जिन लोगो ने छोटे जोत के आकार के कारन खेती करना छोड़ दिया हे वह खेती करने को प्रेरित हो सके।

Saturday, November 14, 2009

ट्रैफिक

शहर में यातायात माह मनाया जा रहा हे । आप शहर में कहीं भी पैदल नही चल सकते ........

Wednesday, November 11, 2009

ट्रेन

दिल्ली से गोरखपुर आते समय सप्तक्रांति एक्सप्रेस के डिब्बे s 4 में TTE एक यात्री से कहता हे २०० रूपए तो वेटिंग वालो से लेता हूँ ..... ६-११-०९ , सीट कन्फर्म करने का कोई नियम नही चलता हे ट्रेन में .....